फिरोजाबाद, 28 मार्च। “जब तक समस्या का पूरा समाधान न हो, फाइल बंद मत करो” — यह सख्त संदेश था अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अरविन्द द्विवेदी का, जो शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित आईजीआरएस समीक्षा बैठक में गूंजा।
जिलाधिकारी रमेश रंजन के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में जन समस्याओं — विशेषकर आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की शुरुआत से ही माहौल सख्त रहा, जब यह सामने आया कि कई अधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित हैं।
अनुपस्थित अधिकारियों पर गिरी गाज
अपर जिलाधिकारी अरविन्द द्विवेदी ने अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और बिना सूचना के गैरहाजिर रहने वाले अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने के आदेश मौके पर ही जारी कर दिए।
मौके पर जाकर करें निस्तारण, GPS फोटो भी अपलोड करें
समीक्षा के दौरान ADM ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जन समस्याओं का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि मौके पर जाकर किया जाए। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे स्थल पर जाकर GPS आधारित फोटोग्राफ्स अपलोड करें, ताकि समस्या की वास्तविक स्थिति का सटीक आकलन हो सके।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक शिकायत का संपूर्ण और संतोषजनक समाधान नहीं हो जाता, तब तक संदर्भ को बंद न किया जाए। आईजीआरएस पर दर्ज सभी संदर्भों को शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारित करना अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता — अब कोई ढिलाई नहीं चलेगी
बैठक के अंत में अपर जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा —
“आईजीआरएस माननीय मुख्यमंत्री जी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि निस्तारण की गुणवत्ता खराब पाई गई या किसी भी स्तर पर विलंब हुआ, तो संबंधित विभाग के अधिकारी के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।