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फिरोजाबाद, 25 मार्च 2026
जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से बुधवार को शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “हमारा आंगन-हमारे बच्चे” उत्सव एवं निपुण विद्यालय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विकास खण्डों से उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों और आंगनबाड़ी से जुड़े कार्मिकों को सम्मानित किया गया।
“हमारा आंगन-हमारे बच्चे” अभियान के तहत प्रत्येक विकास खण्ड से चयनित 10-10 नोडल शिक्षक, नोडल शिक्षक संकुल, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, ईसीसीई एजूकेटर और शिक्षामित्रों ने प्रतिभाग किया। इन सभी को बुनियादी और प्राथमिक शिक्षा के प्रति अभिभावकों को जागरूक करने और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही निपुण भारत मिशन के अंतर्गत जनपद के निपुण विद्यालयों के शिक्षकों के सम्मान में विशेष समारोह आयोजित हुआ। डीएलएड प्रशिक्षुओं द्वारा किए गए थर्ड पार्टी मूल्यांकन के आधार पर चयनित 533 विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को मुख्य अतिथि सदर विधायक मनीष असीजा द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के दौरान प्रगति स्वाभिमान-बाल उत्सव में प्रदेश स्तर पर सम्मानित केजीबीवी नगर क्षेत्र की छात्रा सौम्या को भी मंच पर सम्मानित किया गया। वहीं, “स्कूल चलो अभियान” के तहत केजीबीवी की छात्राओं को नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत पर निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी किया गया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अपने संबोधन में बताया कि जनपद के 1357 विद्यालयों में कक्षा 1 और 2 के छात्रों का सैंपल आकलन कराया गया था। जिन विद्यालयों में 80 प्रतिशत से अधिक छात्र निपुण पाए गए, उन्हें निपुण विद्यालय घोषित किया गया। इस प्रक्रिया में 533 विद्यालय निपुण श्रेणी में शामिल हुए हैं। उन्होंने बताया कि विकास खण्ड एका इस उपलब्धि में सबसे आगे रहा, जबकि जनपद को मंडल में पहला और प्रदेश में 18वां स्थान प्राप्त हुआ है।
विधायक मनीष असीजा ने सभी शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए अगले वर्ष निपुण विद्यालयों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, ब्लॉक प्रमुख लक्ष्मी नारायण यादव, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे), डायट प्राचार्य, जिला विद्यालय निरीक्षक समेत कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने अपने संबोधन में शिक्षकों की भूमिका को सराहते हुए शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में जया शर्मा और सुभाष चंद्र (एसआरजी) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, समन्वयक के रूप में जिला समन्वयक प्रशिक्षण शुभम वर्मा, जिला समन्वयक निपुण प्रदीप सिंह और जिला व्यायाम शिक्षक चेतेन्द्र प्रताप सिंह सक्रिय रहे।
इसके अलावा, जनपद के को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों वाले विद्यालयों में “नवआरंभ” कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें 3-4 वर्ष के बच्चों के लिए बालवाटिका में अनौपचारिक शिक्षा और 6 वर्ष पूर्ण कर चुके बच्चों के लिए कक्षा 1 में प्रवेश सुनिश्चित करने हेतु विशेष पहल की गई।
यह आयोजन शिक्षा, जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।

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