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लखनऊ: समाजवादी पार्टी का आरोप – “2027 हार के डर से भाजपा करा रही फार्म-7 में फर्जीवाड़ा”
लखनऊ, 16 फरवरी 2026।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर कराने का आरोप लगाया है। सोमवार को लखनऊ स्थित पार्टी प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव हारने के डर से “फार्म-7” के जरिए पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के वोट कटवाने की साजिश कर रही है।
“मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश”
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा विपक्ष को फार्म-7 के विवाद में उलझाकर महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और किसानों के मुद्दों से ध्यान हटाना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) के दौरान बड़े पैमाने पर वोट काटने का “खेल” चल रहा है और शिकायतों के बावजूद चुनाव आयोग कार्रवाई नहीं कर रहा।
चुनाव आयोग को ज्ञापन देंगे सपा विधायक
सपा अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी के सभी विधायक फार्म-7 के दुरुपयोग और अन्य विसंगतियों को लेकर चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपेंगे। साथ ही विधानसभा में भी यह मुद्दा उठाया जाएगा।
उन्होंने मांग की कि:
फार्म-7 के जरिए नाम हटाने की प्रक्रिया केवल सरकारी बीएलओ द्वारा की जाए।
किस विधानसभा और किस बूथ पर किसके नाम से फार्म-7 जमा हुआ, इसका पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाए।
फार्म-7 भरने वाले व्यक्ति का आधार और कारण स्पष्ट किया जाए।
विभिन्न जिलों के उदाहरण देकर लगाए आरोप
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि कई विधानसभा क्षेत्रों में फर्जी दस्तावेज और हस्ताक्षर के आधार पर मतदाताओं के नाम हटवाए गए। उन्होंने बिधूना, सकलडीहा, बाबागंज, भोजीपुरा, कन्नौज, बलिया और अयोध्या जैसे क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा से जुड़े लोग सामूहिक रूप से फार्म-7 भर रहे हैं।
उनका दावा है कि अब तक पूरे प्रदेश में सपा ने 47 फार्म-7 भरे हैं, जबकि भाजपा ने 1,728 और “अज्ञात” नाम से 1,28,659 फार्म-7 जमा कराए गए हैं।
“लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी” के नाम पर नोटिस का आरोप
मेरठ के एक वीडियो का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जब फार्म-7 से बात नहीं बनी तो प्रशासन ने “लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी” के नाम पर हजारों पीडीए मतदाताओं को नोटिस भेजना शुरू कर दिया।
सपा नेताओं के अनुसार कुछ विधानसभा क्षेत्रों में 30 से 90 हजार तक मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या गरीब, मजदूर और किसान वर्ग की है।
“एक वोट का अधिकार छीनने की कोशिश”
अखिलेश यादव ने कहा कि बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर द्वारा संविधान में दिए गए “एक वोट” के अधिकार को कमजोर करने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सामंती मानसिकता वाले लोग लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करना चाहते हैं।
भाजपा सरकार पर अन्य मुद्दों को लेकर भी हमला
प्रेस वार्ता में सपा अध्यक्ष ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर महंगाई, निवेश और रोजगार के मुद्दों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सोने-चांदी की कीमतें बढ़ रही हैं, किसानों पर असर पड़ रहा है और एमओयू के दावों के बावजूद जमीन पर निवेश और रोजगार नजर नहीं आ रहा।
(राजेन्द्र चौधरी)
मुख्य प्रवक्ता
समाजवादी पार्टी

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