भारतीय किसान यूनियन ने जवानों व पुलिसकर्मियों की पेंशन बहाली की उठाई मांग, पूर्व जनप्रतिनिधियों की पेंशन बंद करने का प्रस्ताव
फिरोजाबाद।
देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और जवानों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (महाशक्ति) ने प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में जवानों और पुलिसकर्मियों की पेंशन बहाली को प्राथमिक मांग बताया गया।
यूनियन ने प्रस्ताव रखा कि पूर्व सांसदों और विधायकों को दी जाने वाली पेंशन व्यवस्था समाप्त की जाए और उस धनराशि का उपयोग देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के कल्याण पर किया जाए। संगठन का कहना है कि जो लोग वर्तमान में राष्ट्र सेवा में डटे हैं, उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलना अनिवार्य है।
ज्ञापन में विशेष रूप से वर्ष 2004 में उत्तर प्रदेश पुलिस की बंद की गई पेंशन व्यवस्था को पुनः लागू करने की मांग की गई है। इसके साथ ही होमगार्ड और पीआरडी जवानों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद न्यूनतम 10 हजार रुपये मासिक पेंशन सुनिश्चित करने की भी अपील की गई।
संगठन ने बताया कि पुलिस, होमगार्ड और पीआरडी जवान कठिन परिस्थितियों में प्रतिदिन 12 घंटे या उससे अधिक समय तक सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त सुविधाएं और स्थायी सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध नहीं है। यूनियन ने ड्यूटी समय निर्धारण और कार्य स्थितियों में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
नेताओं ने कहा कि किसान और जवान देश की रीढ़ हैं। यदि इनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित नहीं होगा तो राष्ट्र की प्रगति प्रभावित होगी। इसलिए सरकार को पेंशन बहाली सहित सभी मांगों पर गंभीर निर्णय लेना चाहिए।
भारतीय किसान यूनियन ने उम्मीद जताई कि सरकार शीघ्र सकारात्मक पहल करेगी, जिससे जवानों और पुलिसकर्मियों को उनका अधिकार और सम्मान मिल सके।