जिलाधिकारी के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक आयोजित की गई। बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं, विद्युत आपूर्ति तथा सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के प्रारंभ में जलेसर रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल एवं तारबंदी के खंभों के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। साथ ही निर्माणाधीन आरसीसी ड्रेन (नाली) के कार्य को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
जलेसर रोड औद्योगिक क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु 132 केवी उपकेंद्र की स्थापना को लेकर मुख्य विकास अधिकारी ने अधिशासी अभियंता (विद्युत ग्रामीण) को कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए। इस पर अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड ने अवगत कराया कि औद्योगिक क्षेत्र में 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र हेतु आगणन तैयार कराया जा रहा है।
बैठक में माइनॉरिटी ग्लास डेवलपमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष द्वारा टीटीजेड क्षेत्र में मैरिज होमों में डीजल जनरेटर सेट के अवैध उपयोग का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी को नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने तथा इसकी प्रगति रिपोर्ट औद्योगिक संगठनों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जनपद में 2000 के लक्ष्य के सापेक्ष 3695 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अब तक 1108 आवेदन बैंकों द्वारा स्वीकृत किए जा चुके हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने उपायुक्त उद्योग को निर्देशित किया कि जिन बैंक शाखाओं की प्रगति शून्य है, उनकी सूची उपलब्ध कराई जाए, ताकि संबंधित बैंक प्रबंधकों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि योजना में लापरवाही बरतने वाले बैंकों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला अग्रणी प्रबंधक को भी लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त उपायुक्त उद्योग द्वारा अवगत कराया गया कि ओडीओपी योजना के अंतर्गत जनपद के द्वितीय उत्पाद के रूप में चयनित खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अभी तक कोई निवेश प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने औद्योगिक संगठनों एवं निवेशकों से अपील की कि वे खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में रुचि दिखाएं और नई इकाइयों की स्थापना हेतु आगे आएं।
बैठक में उपायुक्त उद्योग संध्या, राजकुमार मित्तल, मुकेश बंसल सहित अन्य अधिकारी एवं औद्योगिक संगठन प्रतिनिधि उपस्थित रहे।