सामौर बाबा धाम महोत्सव में लखबीर सिंह लक्खा के भजनों पर झूमे हजारों श्रद्धालु, मंत्रियों ने बताया सनातन संस्कृति का केंद्र
फिरोजाबाद। सामौर बाबा धाम में आयोजित भव्य धार्मिक महोत्सव के दौरान सुप्रसिद्ध भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा के भक्तिमय गीतों ने ऐसा समा बांधा कि दूर-दराज क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर भक्ति में डूब गए। पूरे परिसर में भक्ति, आस्था और उल्लास का माहौल देखने को मिला।
इस सांस्कृतिक एवं धार्मिक महोत्सव में न केवल क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिला, बल्कि सनातन संस्कृति की जड़ों को भी मजबूती प्रदान करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी उपस्थित रहे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल तथा प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कार्यक्रम में सहभागिता की। इसके अलावा जिलाधिकारी रमेश रंजन और मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
इस अवसर पर गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि सामौर बाबा धाम हमारी सनातन संस्कृति की पहचान है। हमारे आराध्य सभी के हैं और यही हमारी संस्कृति की सह-हृदयता को दर्शाता है। उन्होंने पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग तीन हजार मंदिरों का जीर्णोद्धार कराकर सनातन संस्कृति को नया और भव्य स्वरूप प्रदान किया गया है।
वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि मेला सदैव मेल-मिलाप का प्रतीक होता है। सामौर बाबा धाम में आयोजित यह महोत्सव आने वाले समय में सनातन संस्कृति का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि जिस तेजी से यहां विकास हो रहा है, उससे यह क्षेत्र जल्द ही एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित होगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सनातन संस्कृति से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अति भौतिकता की चकाचौंध से बचाकर अपनी जड़ों से जोड़ना बेहद आवश्यक है। मंदिरों का जीर्णोद्धार केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का महत्वपूर्ण प्रयास है।
महोत्सव के दौरान भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। देर रात तक श्रद्धालु भक्ति संगीत का आनंद लेते रहे।