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बिजली-पानी की बदहाली और जर्जर तारों से परेशान किसान, भाकियू टिकैत ने दिया धरना
फिरोजाबाद।
किसानों को बिजली और पानी की गंभीर समस्याओं, मकानों के ऊपर से गुजर रही जर्जर विद्युत लाइनों को हटवाने तथा विद्युत विभाग की लापरवाही से हुई मौतों के मामलों में मुआवजा और कार्रवाई की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने धरना प्रदर्शन किया।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि जनपद में किसानों को सिंचाई के लिए न तो पर्याप्त बिजली मिल रही है और न ही नियमित आपूर्ति की जा रही है। अनियमित बिजली कटौती के कारण फसलों की सिंचाई बाधित हो रही है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि बिजली संकट से ग्रामीण जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित है।
भाकियू पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ट्यूबवेल और घरेलू ट्रांसफार्मर खराब होने पर शिकायत के बावजूद समय पर नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जाता। विद्युत विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ती है, जो शासन के निर्देशों और आम जनता की सुरक्षा के विपरीत है।
उन्होंने बताया कि जनपद के कई गांवों, विशेषकर नगर निगम के वार्ड नंबर 25 के नगला मोती, ढोलपुरा, जलोपुरा सहित आसपास के क्षेत्रों में मकानों के ऊपर से पुराने और जर्जर बिजली के तार लटक रहे हैं। ये तार कभी भी टूटकर गिर सकते हैं, जिससे पशुओं, बच्चों और आम नागरिकों की जान को गंभीर खतरा बना हुआ है। पूर्व में ऐसे हादसों में कई लोगों की जान भी जा चुकी है, इसके बावजूद विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
भाकियू नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में वार्ड नंबर 25 के ढोलपुरा क्षेत्र में विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते कई लोगों की मौत हुई, लेकिन अब तक मृतकों के परिजनों को मुआवजा नहीं मिला है और न ही जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान, जर्जर तारों को हटाने, मुआवजा देने और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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