फिरोजाबाद में 14–15 मार्च को होगी पुलिस उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा, डीएम ने तैयारियों की समीक्षा कर दिए सख्त निर्देश
फिरोजाबाद, 11 मार्च।
जनपद में आगामी 14 और 15 मार्च को आयोजित होने वाली पुलिस उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी रमेश रंजन ने पुलिस लाइन सभागार में सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अरविंद द्विवेदी भी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि परीक्षा के लिए जनपद में कुल छह परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा दो दिनों में चार पालियों में आयोजित होगी और हर पाली में 1920 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने जानकारी दी कि चार परीक्षा केंद्रों पर प्रति पाली 240-240 परीक्षार्थी, जबकि एम.जी. बालिका इंटर कॉलेज और एम.जी. बालिका पीजी कॉलेज में प्रति पाली 480-480 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।
ये बनाए गए हैं परीक्षा केंद्र
एम.जी. बालिका इंटर कॉलेज
एम.जी. बालिका पीजी कॉलेज
सी.एल. जैन डिग्री कॉलेज
एस.आर.के. डिग्री कॉलेज
दाऊ दयाल डिग्री कॉलेज
राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज
डीएम ने दिए ये अहम निर्देश
जिलाधिकारी ने परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परीक्षार्थी की पहचान की पूरी तरह जांच की जाए ताकि कोई भी फर्जी अभ्यर्थी या “मुन्ना भाई” परीक्षा में शामिल न हो सके।
इसके अलावा निर्देश दिए गए कि परीक्षा शुरू होने से 10 मिनट पहले मुख्य द्वार बंद कर दिया जाए। हर कक्षा में दीवार घड़ी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए और परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए प्रत्येक केंद्र पर क्लर्क रूम भी बनाया जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को परीक्षा कक्ष में लाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। केंद्रों पर सहायक स्टाफ की संख्या सीमित रखी जाएगी और आपात स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टरों की टीम भी तैनात की जाएगी।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने बैठक में स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सभी सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से पालन करें। यदि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि नियमों का पालन सख्ती से हो, लेकिन किसी भी परीक्षार्थी को अनावश्यक परेशानी न हो।