फिरोजाबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 1.80 लाख से अधिक वादों का हुआ निस्तारण
समझौता व अर्थदण्ड मिलाकर 21.47 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निर्धारित, बड़ी संख्या में मामलों का मौके पर निपटारा
फिरोजाबाद:
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशन में शनिवार को जनपद न्यायालय फिरोजाबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. बब्बू सारंग ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया।
इस अवसर पर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी महेन्द्र सिंह, परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश अरविन्द कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) विशु राजा, अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अनुज चौधरी, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शंकरलाल निषाद सहित अनेक न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय व्यवस्था को आमजन के और अधिक निकट लाने का प्रभावी माध्यम है। इसके जरिए आपसी सहमति और समझौते के आधार पर मामलों का सरल, त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालतों में केवल विधिक प्रक्रिया ही नहीं बल्कि पक्षकारों के बीच संवाद, विश्वास और समझ को भी महत्व दिया जाता है, जिससे विवादों का स्थायी समाधान संभव हो पाता है।
उन्होंने कहा कि न्यायपालिका का उद्देश्य केवल मामलों का निस्तारण करना नहीं बल्कि समाज में शांति, सद्भाव और समरसता बनाए रखना भी है। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को समय और धन दोनों की बचत होती है तथा उनके आपसी संबंध भी सुरक्षित रहते हैं।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव योगेश शिवा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य वादों का आपसी समझौते के आधार पर त्वरित, सुलभ और निःशुल्क निस्तारण करना है, जिससे लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिल सके। उन्होंने बताया कि इस लोक अदालत में पारिवारिक विवाद, बैंक ऋण प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा, विद्युत एवं जल बिल सहित विभिन्न प्रकार के मामलों का निस्तारण किया गया।
1.80 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1,80,488 वादों का निस्तारण किया गया, जिनमें अर्थदण्ड और समझौता राशि मिलाकर 21,47,32,479 रुपये निर्धारित की गई।
परिवार न्यायालयों में 101 वाद तथा मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में 54 वादों का निस्तारण किया गया, जिनमें 50,22,9000 रुपये की समझौता राशि तय हुई। वहीं राजस्व न्यायालयों में 52,633 वादों का निस्तारण किया गया।
बैंक प्रकरणों में 1,652 मामलों में लगभग 1,62,30,00,000 रुपये की धनराशि का सेटलमेंट किया गया। इसके अतिरिक्त अन्य विभागों द्वारा 1,15,774 वादों का निस्तारण किया गया।
जनपद न्यायालय के विभिन्न न्यायिक अधिकारियों द्वारा भी बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण किया गया। मजिस्ट्रेट न्यायालयों में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नरेश कुमार दिवाकर द्वारा 4574 वाद, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिकोहाबाद श्रद्धा देवा द्वारा 1402 वाद, न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वेता सोनी द्वारा 1105 वाद सहित अन्य न्यायिक अधिकारियों ने भी अनेक मामलों का निपटारा किया।
कार्यक्रम के अंत में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।