नारी शक्ति: समानता, सम्मान और स्वावलंबन से सशक्त राष्ट्र का आधार — रेनू गौड़
फिरोजाबाद। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्या रेनू गौड़ ने महिलाओं के सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि 8 मार्च को विश्व भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं के योगदान, उनके अधिकारों और सम्मान के प्रति संकल्प को दोहराने का महत्वपूर्ण अवसर भी है।
रेनू गौड़ ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव शक्ति, करुणा और सृजन का प्रतीक माना गया है। वह परिवार की आधारशिला होने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। एक माँ के रूप में वह पीढ़ियों को संस्कार देती है, एक शिक्षिका के रूप में ज्ञान का प्रकाश फैलाती है और एक कर्मशील नागरिक के रूप में राष्ट्र के विकास में अपना अमूल्य योगदान देती है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में महिलाएँ शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, राजनीति, खेल, उद्यमिता और सामाजिक सेवा सहित लगभग हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। यह परिवर्तन केवल महिलाओं की प्रगति नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास का प्रतीक है। जब महिलाएँ सशक्त होती हैं, तब परिवार मजबूत होता है और जब परिवार मजबूत होता है, तब राष्ट्र प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होता है।
रेनू गौड़ ने यह भी कहा कि समाज के कुछ हिस्सों में आज भी महिलाओं को समान अवसर, सुरक्षा और सम्मान प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव, शिक्षा से वंचित होना तथा आर्थिक निर्भरता जैसी चुनौतियाँ आज भी कई महिलाओं के सामने मौजूद हैं। इन समस्याओं का समाधान केवल कानूनों से नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक सोच और संवेदनशीलता से संभव है।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ केवल अधिकार देना नहीं, बल्कि महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और निर्णय लेने की क्षमता से सशक्त बनाना है। जब समाज महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा प्रदान करता है, तब वे अपनी क्षमता का पूर्ण विकास कर राष्ट्र निर्माण में और अधिक प्रभावी भूमिका निभाती हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें यह याद दिलाता है कि नारी केवल समाज का एक अंग नहीं, बल्कि उसकी सबसे सशक्त प्रेरणा है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि नारी सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन को सुनिश्चित करने के लिए समाज के हर स्तर पर मिलकर प्रयास किए जाएँ।
उन्होंने कहा कि नारी का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है।