फिरोजाबाद, 01 मार्च।Firozabad की सुहाग नगरी से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जो बताती है कि यदि सरकार की योजनाएं सही पात्र तक पारदर्शी ढंग से पहुंचें तो बदलाव तय है। Yogi Adityanath के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। इसका सशक्त उदाहरण हैं ग्राम बरकतपुर की 22 वर्षीय गायत्री, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को साकार कर दिखाया।बीएससी छात्रा से सफल उद्यमी तक का सफरगायत्री, जो वर्तमान में बीएससी फाइनल की छात्रा हैं, बचपन से ही आत्मनिर्भर बनने का सपना देखती थीं। हुनर तो था, लेकिन पूंजी की कमी सबसे बड़ी बाधा थी। इसी दौरान उन्हें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की जानकारी मिली। उन्होंने जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से आवेदन किया और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत बैंक से 3 लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत हुआ।सरकारी व्यवस्था की सरल और निष्पक्ष कार्यप्रणाली ने उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान दी। बिना किसी सिफारिश और अनावश्यक भागदौड़ के मिला यह ऋण उनके जीवन का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।‘गायत्री बैंगल्स डेकोरेशन’ से बदली 20 परिवारों की तकदीरऋण प्राप्त होते ही गायत्री ने ‘गायत्री बैंगल्स डेकोरेशन’ नाम से चूड़ियों की सजावट का व्यवसाय शुरू किया। आज उनकी इकाई में 15 महिलाएं और 5 पुरुष कार्यरत हैं। क्षेत्र में अब वे “रोजगार देने वाली दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। उनके पिता संजय शर्मा और परिवार के अन्य सदस्य भी इस उद्यम में सक्रिय सहयोग कर रहे हैं।गायत्री का यह प्रयास केवल निजी सफलता नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और स्थानीय रोजगार सृजन का उदाहरण बन चुका है।40 हजार मासिक आय, कारीगर भी आत्मनिर्भरआज गायत्री अपनी इकाई से लगभग 40 हजार रुपये प्रतिमाह कमा रही हैं। उनके यहां कार्यरत कारीगर भी 15 से 20 हजार रुपये मासिक आय अर्जित कर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। इससे 20 परिवारों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है।“सरकार की योजना मेरे लिए वरदान”गायत्री भावुक होकर बताती हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि 22 वर्ष की उम्र में पढ़ाई के साथ अपना व्यवसाय चलाएंगी और दूसरों को रोजगार देंगी। उनके अनुसार, सरकार की यह योजना उनके लिए वरदान साबित हुई है। पारदर्शी व्यवस्था और ब्याजमुक्त ऋण ने उनके सपनों को साकार करने में अहम भूमिका निभाई।यह कहानी बताती है कि जब सरकार की योजनाएं सही दिशा में और सही हाथों तक पहुंचती हैं, तो वे केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि पूरे समाज को सशक्त बनाती हैं। फिरोजाबाद की गायत्री आज नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं और यह प्रमाण हैं कि आत्मविश्वास, मेहनत और सरकारी सहयोग से हर सपना साकार हो सकता है।
