चार श्रम संहिताओं के विरोध में बैंककर्मियों की हड़ताल, फिरोजाबाद में 200 करोड़ के लेनदेन पर असर
फिरोजाबाद। केंद्र सरकार द्वारा लागू चार नई श्रम संहिताओं के विरोध में गुरुवार, 12 फरवरी 2026 को देशभर के बैंक कर्मचारियों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल की। इसका व्यापक असर फिरोजाबाद में भी देखने को मिला, जहां UPBEU की स्थानीय इकाई के आह्वान पर कर्मचारियों ने सुबह 11 बजे सुहाग नगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
यूनियन प्रतिनिधियों के अनुसार केंद्र सरकार की चार नई श्रम संहिताएं— वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थितियां संहिता 2020— पुराने 29 श्रम कानूनों का स्थान लेती हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि इन संहिताओं से श्रमिक अधिकार कमजोर होंगे और स्थायी रोजगार के स्थान पर अनुबंध आधारित नियुक्तियों को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही हड़ताल जैसे अधिकारों पर भी अप्रत्यक्ष नियंत्रण बढ़ सकता है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण, आउटसोर्सिंग और संविदा भर्ती का कड़ा विरोध जताया। साथ ही बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह (5-डे वर्किंग) लागू करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। आंदोलन में AIBEA, AIBOA और BEFI ने सक्रिय भागीदारी की, जबकि AIBOC, NCBE, INBEF और INBOC ने नैतिक समर्थन दिया।
यूनियन की स्थानीय इकाई के चेयरमैन अशोक कुमार माहेश्वरी और सेक्रेटरी मनीष कुमार यादव ने कर्मचारियों से आंदोलन में शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की थी। हड़ताल के कारण जिले में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं और अनुमानित करीब 200 करोड़ रुपये के लेनदेन पर असर पड़ा, जिससे आम ग्राहकों और व्यापारिक गतिविधियों को असुविधा हुई।
यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।