एसआईआर और फार्म-7 को लेकर अखिलेश यादव का आरोप—भाजपा चुनाव आयोग के साथ मिलकर कर रही फर्जीवाड़ा
सपा प्रमुख बोले—अल्पसंख्यकों और पीडीए के वोट कटवाने की साजिश, नंदलाल को एक लाख रुपये देकर किया सम्मानित
लखनऊ, 8 फरवरी 2026।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर चुनाव आयोग के साथ मिलकर एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ी करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा फर्जी तरीके से हस्ताक्षर कराकर खासकर पीडीए और अल्पसंख्यक मतदाताओं के वोट कटवाने की साजिश रच रही है, जबकि चुनाव आयोग इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
रविवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि उपचुनाव के दौरान और वर्तमान में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली निष्पक्ष नहीं दिख रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह आयोग काम कर रहा है, उसे अपनी इमारत पर भाजपा का झंडा लगा लेना चाहिए।
सपा प्रमुख ने फार्म-7 के दुरुपयोग का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बड़े पैमाने पर फर्जी आवेदन कराकर मतदाता सूची से नाम कटवाए जा रहे हैं। उनका कहना था कि जब एसआईआर और मैपिंग की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो फार्म-7 भरवाने की आवश्यकता नहीं रह जाती और इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने कुछ पेशेवर एजेंसियों को नियुक्त किया है, जिनके पास बूथ-स्तर तक का डेटा मौजूद है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां समाजवादी पार्टी चुनाव जीती है, वहां फर्जी तरीके से फार्म-7 भरवाकर वोट कटवाने की कोशिश की जा रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुल्तानपुर सदर विधानसभा क्षेत्र के नंदलाल का मामला सामने रखते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि नंदलाल हस्ताक्षर नहीं करते, बल्कि अंगूठा लगाते हैं, फिर भी उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर फार्म-7 जमा कराया गया। इस खुलासे के लिए अखिलेश यादव ने नंदलाल को एक लाख रुपये देकर सम्मानित किया और इसे लोकतंत्र बचाने का साहसिक कदम बताया।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से कटवाने के लिए झूठा प्रमाण देने या किसी अन्य व्यक्ति के नाम से आवेदन करने पर संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए। सपा प्रमुख ने उम्मीद जताई कि इस मामले के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
अखिलेश यादव ने पार्टी विधायकों से अपने-अपने क्षेत्रों में हो रहे कथित फर्जीवाड़े को उजागर करने के लिए प्रमाण जुटाने को कहा। साथ ही उन्होंने बीएलओ की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें न पर्याप्त प्रशिक्षण मिला है और न ही सुरक्षा, जबकि उन पर दबाव और प्रलोभन दोनों डाले जा रहे हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की है। सिस्टम जितना मजबूत होगा, लोकतंत्र उतना ही सुरक्षित रहेगा।
— राजेंद्र चौधरी, मुख्य प्रवक्ता द्वारा जारी